चरवाहा ओर भेड़िया The Shepherd Boy and The Wolf


चरवाहा ओर  भेड़िया The Shepherd Boy and The Wolf  hindi kahaniya
एक सुंदर गांव था। गांव में एक लड़का था। बड़ा शरारती था। उसके पिता ने एक दिन उसे बताया कि वह भेड़ की देखभाल करने के लिए काफी बूढ़े हो गए है। अब तुम भेड़ की देखभाल करो।










चरवाहा ओर  भेड़िया The Shepherd Boy and The Wolf  hindi kahaniyaलड़का रोज़ भेड़ों को चरवाने ले जाने लगा। हर दिन उसे भेड़ों को घास के खेतों में ले जाना पड़ता था और उन्हें देखना पड़ता था । लड़का हालांकि दुखी था। वह दौड़ना और खेलना चाहता था। वह भेड़ को चरवाने नहीं ले जाना चाहता था। इसलिए, उसने एक दिन कुछ मज़ा करने का फैसला किया। एक दिन जब वह भेड़ को चरवाने ले गया तो वहा जाकर वह जोर से चिल्लाया 'भेड़िया! भेड़िया!' पूरा गांव ये सुन कर पत्थरों के साथ उसकी मदद करने आ गया। पर गांव वाले जब लड़के के पास आये तो वहा कोई भेड़िया नहीं था। गांव वाले वापस चले गए। दूसरे दिन लड़का फिर चिल्लाया 'भेड़िया! भेड़िया!' और गाँव वाले फिर से भेड़िये का पीछा करने के लिए दौड़े पर वहा कोई नहीं था। लड़के ने ऐसा तीन चार बार किया। अब गांव वाले समझ गए की लड़का उसको मुर्ख बना रहा हे और उसका समय बिगाड़ रहा हे।




चरवाहा ओर  भेड़िया The Shepherd Boy and The Wolf  hindi kahaniya
अगले  दिन, वह लड़का एक छोटी पहाड़ी पर भेड़ चराने गया। उसने अचानक एक भेड़िये को अपनी भेड़ों पर हमला करते देखा। वह जितना चिल्ला  सकता था उतना चिल्लाया, 'भेड़िया! भेड़िया!’, लेकिन गांव के लोगो ने सोचा कि वह उन्हें फिर से बेवकूफ बनाने की कोशिश कर रहा है और भेड़ को बचाने नहीं आया। भेड़िया ने भेड़ों को मार डाला।  लड़के ने उस दिन सारी  भेड़ें खो दीं, क्योंकि उसने  बहुत बार जूठ बोला था। 

शिक्षा:- कभी भी जुठ नहीं बोलना चाहिए। 
जुठ बोलके लोगो को बार बार मुर्ख नहीं बना ना चाहिए क्योकि जब आपलो उसकी मदद की सक्त जरुरत होगी तब कोई आप पर विश्वास नहीं करेगा। 

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